106वां संविधान संशोधन 22 मई 2006 को स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्य, लोकतांत्रिक नियंत्रण और पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया। पारित होने के लिए लोकसभा में विधेयक पर चर्चा नहीं की जा सकी। विधेयक 18.05.2009 को 14 वीं लोक सभा के विघटन पर समाप्त हो गया। संविधान में संशोधन के लिए विधेयक को फिर से पेश करने का निर्णय लिया गया। तदनुसार, 30.09.2009 को लोकसभा में संविधान (111वां) संशोधन विधेयक पेश किया गया था।
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