A
Q. प्रारंभ में युरोपीय व्यापारियों की रूचि किसके व्यापार में अधिक थी?
- Correct Answer - Option(D)
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A
प्रारंभ में यूरोपीय व्यापारियों की भारत में व्यापार करने में मसालों के व्यापार में अधिक रुचि थी।
भारत और दक्षिण-पूर्वी एशिया की मसालेदार वस्तुएं, जैसे लवंग, दारचीनी, इलायची, काली मिर्च, आदि, यूरोप में अत्यधिक मूल्यवान और लोकप्रिय थीं।
यूरोपीय व्यापारी विशेष रूप से पोर्तगाली, डच, ब्रिटिश और फ्रांसीसी कंपनियां मसालों के व्यापार के लिए भारत और एशिया के अन्य क्षेत्रों में आई थीं।
इसका उद्देश्य यूरोपीय बाजारों में मसालों की आपूर्ति करना और उनका मुनाफा कमाना था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(A) अफीम:
अफीम का व्यापार 19वीं सदी में अधिक महत्वपूर्ण हुआ, खासकर जब ब्रिटिश व्यापारियों ने अफीम के व्यापार के माध्यम से चीन में अफीम का निर्यात करना शुरू किया। प्रारंभ में अफीम का व्यापार युरोपीय व्यापारियों के लिए मुख्य रुचि का कारण नहीं था।
(B) नील:
नील का व्यापार भी बाद में यूरोपीय व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हुआ, लेकिन प्रारंभ में मसाले अधिक प्रमुख थे। नील का प्रमुख व्यापार भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ।
(C) सूती वस्त्र:
सूती वस्त्रों का व्यापार यूरोपीय व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण था, लेकिन यह व्यापार मसालों के व्यापार के बाद में प्रमुख हुआ, खासकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रभाव के बाद।
निष्कर्ष:
प्रारंभ में युरोपीय व्यापारियों की रुचि मसालों के व्यापार में अधिक थी।
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